हड़ताल से रोडवेज को छह लाख का नुकसान, निजी बस मालिकों की चांदी

जेएनएन, लुधियाना : दस से अधिक श्रमिक संगठनों की देशव्यापी हड़ताल का शहर में व्यापक असर देखने को मिला। संगठनों ने शहर में जगह-जगह धरने दिए एवं प्रदर्शन किए। इससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हड़ताल की वजह से रोडवेज को छह लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा और निजी बस ऑपरेटरों को काफी फायदा मिला। सुबह से शाम तक लुधियानवी जाम में ही फंसे रहे। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करता पड़ा। शहर में बस स्टैंड रोड, जगराओं पुल रोड, फिरोजपुर रोड, घंटाघर, ढोलेवाल चौक, चीमा चौक, गिल रोड, जीटी रोड समेत तमाम प्रमुख मार्गो पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें देखी गई। पंजाब रोडवेज पनबस कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब की ओर से पंजाब रोडवेज की बसों का मुकम्मल चक्का जाम किया गया। बस स्टैंड में आयोजित गेट रैली के दौरान यूनियन के सदस्यों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर भड़ास निकाली।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे पंजाब रोडवेज पनबस के प्रदेश अध्यक्ष सतनाम सिंह तथा डिपो प्रधान शमशेर सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार की नीतियां कर्मचारी विरोधी हैं। वो लोग अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से कई बार बैठकें कर चुके हैं। मगर उसके बावजूद उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है। हड़ताल से न केवल यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, बल्कि राहगीरों को भी परेशानियों से दो चार होना पड़ा। रोडवेज कर्मियों ने ये उठाई मांगें उनकी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत बराबर काम बराबर वेतन को लागू किया जाए। ठेकेदारी सिस्टम बंद करके रोडवेज में रेगुलर भर्ती की जाए। पनबस वर्करों पर लगाई गई शर्तो को रद किया जाए।
इस दौरान महासचिव भगत सिंह, चेयरमैन गुरविंदर सिंह, मेजर सिंह, उप प्रधान सुखदेव सिंह चुनी, बलकार सिंह, बलराज सिंह, कैशियर जतिंदर सिंह सोनी, सतीश कुमार, गुरमेल सिंह, परवीन कुमार, गुरचेतन सिंह, राजविंदर सिंह गरेवाल तथा अन्य उपस्थित थे।
हड़ताल से रोडवेज को करीब 6 लाख का नुकसान
उधर, इस संबंध में बात करने पर बस स्टैंड के जनरल मैनेजर गुरसेवक सिंह राजपाल ने कहा कि ट्रेड यूनियंस की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन पंजाब रोडवेज को भी नुकसान झेलना पड़ा है। क्योंकि रोडवेज के काट्रेक्ट मुलाजिम पूरा दिन और रेगूलर मुलाजिम 11 से दोपहर 2 बजे तक हड़ताल पर रहे। इससे 55 फीसद बसों का चक्का जाम रहा। इससे पंजाब रोडवेज को करीब 6 लाख रुपये का लास हुआ है।
निजी ऑपरेटरों की रही चांदी
पंजाब रोडवेज मुलाजिमों की हड़ताल को निजी बस ऑपरेटरों ने जम कर भुनाया। हालांकि उस दौरान पंजाब रोडवेज की एसी बसें भी चलती रहीं। मगर निजी ऑपरेटरों ने लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए बसों को भर-भर कर चलाया और खूब चांदी कूटी। शहीद सुखदेव थापर बस टर्मिनल पर लोग बसों की तलाश में भटकते नजर आए। बस स्टैंड के बाहर रोष प्रदर्शन बस स्टैंड के बाहर ट्रेड यूनियनों की तरफ से किए गए धरने प्रदर्शन का खामियाजा शहरवासियों को उठाना पड़ा। उसके चलते सड़कों पर लंबे जाम लग गए। बस स्टैंड से गिल चौक तक वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। ऐसा ही हाल भारत नगर चौक और जगराओं पुल के पास भी देखने को मिला। जाम से बचने के लिए मुख्य सड़कों से अंदरूनी सड़कों में घुसे वाहनों ने उन्हें भी जाम कर दिया। बस स्टैंड व भाई बाला चौक में पुलिस की टीमें मौजूद तो थीं, मगर वो जाम हटाने को लेकर विवश नजर आई। सैंकड़ों लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पैदल चलना पड़ा।
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